घर और कार्य स्थान पर भगवान गणेश कि मूर्ति स्थापित करने के नियम

ArthaPublished: June 13, 20171 views
Published: June 13, 2017

बहुत से लोग अपने घर और कार्यस्थल पर भगवान गणेश की मूर्तियों को सम्मानपूर्वक स्थान देते हैं। बाप्पा गणपति को विघ्नहर्ता कहा जाता है क्यूंकि वो सारे विघ्नो को दूर करते है, परंतु बाप्पा की मूर्ति सही स्थान पर अगर स्थापित नहीं की गई तो बहुत सारी बाधाएं आ सकती है।

1 भगवान गणेश कि मूर्ति कड़ी सावधानी के साथ घर और कार्य स्थल पर स्थापित करनी चाहिए

२ सबसे पहले, यदि आप अपने कार्यस्थल पर अपनी मूर्ति को स्थापित करने की योजना बना रहे हैं, भगवान गणेश की खड़ी मूर्ति को स्थापित करें क्योंकि यह ऊर्जा और उत्साह लाती है

३ दाहिने ओर झुकी सूँढ वाले भगवान गणेश को वक्रतुंड कहा जाता है पर इस मूर्ति को घर में नहीं रखा जाना चाहिए और अगर आप इसे घर में रखना चाहते हो तो आपको सख्त अनुष्ठानों का अनुपालन करने के की प्रतिज्ञा करनी होगी

४ घर के उत्तर-पूर्व कोने में मूर्ति का सर्वश्रेष्ठ स्थान माना जाता हैं जिसे ईशान्य कोने के रूप में भी जाना जाता है

५ खुशी, शांति और समृद्धि पाने के लिए भगवान गणेश की सफ़ेद संगमरमर की प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए क्योंकि यह इरादा और आध्यात्मिकता की शुद्धता को दर्शाती है

६आम, पीपल और नीम के पत्तों से बनी गणेश जी की मूर्ति सकारात्मकता को आकर्षित करती है और इसे प्रवेश द्वार पर रखना शुभ माना जाता है

७ यदि आप आत्म-विकास की इच्छा रखते हैं तो शेंदुरी गणपति की मूर्ति की स्थापना करनी चाहिए जोआध्यात्मिक श्रेष्ठता की शुरुआत करती है

८ भगवान गणेश की बैठने वाली मूर्ति घर के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है क्यों वह घर को हर तरह से शांत और निर्धारित ऊर्जा देती है

९ मूषक और मोदक हमेशा गणेश जी के प्रतिमा का एक हिस्सा होना चाहिए। ये छोटे विवरण बेहद शुभ और अभिन्न हैं

१० इन नियमो को ध्यान में रखते हुए ही अपने स्थानों पर गणेश जी की मूर्ति की स्थापना कीजिये

Recommend tags
  • ganesh+1
  • ganesh story+1
  • lord vinayaka+1
  • lord ganesha+1
  • ganesha story+1

ganeshganesh storylord vinayakalord ganeshaganesha story

Comments