मेहंदी लगाना भारतीय शादियों में एक परंपरा क्यों बन गई है ? | अर्था | आध्यात्मिक विचार

ArthaPublished: June 21, 2017
Published: June 21, 2017

मेहंदी लगाना भारतीय शादियों में एक परंपरा क्यों बन गई है | ARTHA

मेहंदी हाथो को सुंदर एवं आकर्षक बनाती है, महिलाओं को हाथो में मेहंदी लगाना बहुत अच्छा लगता है और जब शादी जैसे समारोह की बात हो तब तो ये खुद को
रोक नहीं पाति, क्या यही वजह है की आजकल शादियों में मेहंदी लगाना एक परंपरा बन चुकी है ? यह विडियो देख आप इस सवाल का जबाव ढूंढ़ पाएंगे..

१ भारत में सभी धर्मो में शादी - विवाह के मौक़े पर मेहंदी समारोह सबसे प्रसिद्ध रिवाज़ है
२. इस समारोह में, वधु के हाथो और पैरों में मेहंदी लगायी जाती है, और कभी कभी वर को भी लगायी जाती है
३. भारत में किसी भी उत्सव पर मेहंदी लगाना एक रिवाज़ बन गया है, जैसे करवा चौथ, तीज , दिवाली, रमज़ान और कोई भी त्योहार क्यू न हो
४. मेहंदी विवाह बन्धन की महत्ता बताती है, और इसलिए इसे शगुन के रूप में देखा जाता है । यह शादी शुदा जोड़े एवं उनके परिवार के बीच प्यार एवम लगाव की गहराईयों को दर्शाती है
५. वधु के हाथ में मेहँदी के गाढ़ा रंग चढ़ने से, होने वाले वर -वधु के बीच काफी प्यार होने की संभावना जताई जाती है
६. और जितने लंबे समय तक हाथो में मेहंदी का रंग बरक़रार रहता है, ये उतना ही नव विवाहित जोड़ियों के लिए शुभ माना जाता है
७ मेहंदी गर्भधारण की क्षमता के लिए भी एक सांकेतिक चिन्ह माना जाता है
८. केवल पति -पत्नी के बीच का ही प्रेम नहीं, बल्कि मेहँदी का रंग सास- बहु के बीच प्रेम और समझदारी को बयां करता है

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