Mahashivratri: भगवान् शिव को पंचामृत चढ़ाने का रहस्य, जानें कारण | Boldsky

BoldskyPublished: July 25, 2018
Published: July 25, 2018

Lord Shiva is the god of Destroyer. Devotees offer various things to make him happy and importantly includes panchamitra . Panchamitra is considered as most sacred liquid and is made of Five Amrits . In the above video, we describe you the importance of Panchamitra in the Mahashivratri puja and how it will bring happiness and wealth to your life. Watch here the importance of Panchamrit.

भगवान शिव का रूप जितना ही रौद्र है उतना ही भोला है उनका मन.. भक्तों की एक सच्ची पुकार से भोलेनाथ खिंचे चले आते है.. भक्त भी भगवान को प्रसन्न करने के उद्देश्य से भोग और चढ़ावा उन्हें अर्पित करते है.. आपको बता दें कि, सभी देवताओं के साथ शिवशंकर को भी पंचामृत अत्यंत प्रिय है... पंचामृत का मतलब होता है पांच अमृत का मिश्रण, इस पंचामृत में पांच अमृत दूध, दही, शहद , घी और गंगाजल मिलाया जाता है और इन पांचो तत्वों का एक अलग ही महत्व होता है। आपको बता दें कि, दूध को पवित्र और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है साथ ही, इसके चढ़ावे से पद प्रतिष्ठा और स्वास्थ्य लाभ होता है..पंचामृत में दही का विशेष महत्त्व है.. इससे अच्छी सेहत, वाणी और सुख- समृद्धि बनीं रहती है.. घी मिलाने से धन धान्य में बढ़ोत्तरी होती है.. शहद के कारण कर्ज से छुटकारा मिलता है तो वहीं गंगाजल को पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, इसे मिलाने से भक्तों की आत्मा पापमुक्त होती है ..अंत में तुलसी डालकर आप सभी भक्त भी आगामी 13 फरवरी को महाशिवरात्री के पावन पर्व में महादेव को पंचामृत चढ़ाएं और प्रभु आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करेंगे...
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------

Subscribe to Boldsky Channel for latest updates.

https://www.youtube.com/channel/UCp0PDmU9L_rqiD4nDH-P2Tg

Follow us on Twitter
https://twitter.com/boldskyliving

Like us on Facebook
https://www.facebook.com/boldsky.com/

Join us on Google Plus: https://plus.google.com/+Boldsky/posts

Download App: https://play.google.com/store/apps/details?id=in.oneindia.android.tamilapp

Be the first to suggest a tag

    Comments

    0 comments